Breaking News
Home / देश / बड़ी खबर: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया धारा-370 हटने का समर्थन.. बोले- ये राष्ट्रहित की बात है

बड़ी खबर: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया धारा-370 हटने का समर्थन.. बोले- ये राष्ट्रहित की बात है

*सभी भारतीयों से एक निवेदन*

सभी भारतीयों से एक निवेदन है कि कश्मीर मुद्दे पर मजाक, प्लाट ,जमीन वाले मैसेज ना बनाएं ना ही सोशल मीडिया पर वायरल करें,
कश्मीर कोई देश नहीं था जो हमने जीत लिया, भारत का अभिन्न अंग था जो आज भारत में मिल गया, नहीं कोई क्रिकेट मैच था कि हमने उसे जीत लिया है, भारत में इस समय सभी लोगों का सहयोग एवं सतर्कता की जरूरत है
अति उत्साह या मजाक के लिए कश्मीरी जनता के मन में किसी भी प्रकार का भ्रम पैदा ना करें कश्मीरी जनता भारतीय ही है

*कुछ बाहरी ताकत एवं देश के अंदर कुछ गद्दार भारत में शांति भंग करने का प्रयास करेंगे कृपया इस संवेदनशील मुद्दे पर आप अपना सहयोग करें*

*इस मैसेज को सभी भारतीयों के लिए शेयर करें*

ये एक पूरा त्रुटि रहित चक्रव्यूह था जो नई सरकार के गठन के साथ ही रचना शुरू हो गया था। चाणक्य थे अमित शाह, और पीएम नरेंद्र मोदी जरिया। शुरुआत हुई जब राजनाथ सिंह की जगह अमित शाह गृहमंत्री बने। राजनाथ की कमजोरी है, कि जोखिम उठाने से बचते हैं। अमित शाह पावरफुल हैं, उनकी दबंग छवि है और सामने सत्ता से नौकरशाह तक सबकी दम हिली रहती है। तीन तलाक बिल के दौरान जब एक-एक करके राज्यसभा के विपक्षी विकेट उखाड़े जाने लगे तो सहसा लगा कि कुछ नया हो रहा है। लोकसभा सदस्य तो टूटते-तोड़े जाते रहे हैं पर सत्ता दल राज्यसभा पर इतना ध्यान दे क्यों रहा है? बिल पारित कराने के लिए संख्याबल की जुगाड़ इतनी बेसब्री से हो क्यों रही है?
तीन तलाक बिल दरअसल, लिटमस टेस्ट था। सरकार बड़े परीक्षण से पहले अपनी तैयारियों का दम आंक लेना चाहती थी। सब ठीक लगा तो कश्मीर की घेराबंदी शुरू कर दी गई। तीन रातों में ही शिकंजा कस गया। तीसमारखां घरों में नजरबंद हो गए और हर गर्दन पर सेना ने पंजा गड़ा दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पड़ाव डाल ही रखा था तो इनपुट्स आने लगे। पाकिस्तान को उसके कब्जे वाले कश्मीर में बमबारी करके समझा दिया गया कि तैयारी पूरी है, बीच में बोला तो पिटेगा। घुसपैठ की कोशिशें नाकाम हुईं और पाकिस्तानी ‘बैट’ के सिपाही मार गिराए गए। ये एक मनोवैज्ञानिक हमला था यानी बाहरी दखल की आशंका निर्मूल करने की रणनीति।

  1. जिस राज्य में 50 हजार से ज्यादा जांबाज सैनिक घेरा डाले हों, वहां क्या कोई बाहरी बोलने की गलती करेगा, अंदरूनी की बात ही छोड़िये। इंटरनेट बंद है और धारा 144 लागू। और, इधर संसद में आननफानन में अंतिम अध्याय भी लिख दिया गया। सबकुछ फुलप्रूफ और ऑपेरशन 100% सक्सेसफुल। इतिहास वाकई लिखा गया है। अमित शाह हीरो हैं इस अध्याय के। देश को सरदार पटेल का असली उत्तराधिकारी मिला है।संसद में बोलते समय अमित शाह की भाव भंगिमा देखते ही बन रही थी मुझे गर्व है कि मैं इस काल का साक्षी हूँ

About Unique Today

Check Also

ऐतिहासिक फैसले से पाक बौखलाया, महबूबा और उमर अब्दुल्ला नजरबन्द, धारा 144 लागू

उत्तराखंड ।। कश्मीर के लिए सोमवार एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ, जब मोदी सरकार ने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *