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सरकारी अस्पताल के हाल बेहाल

 

गोविन्दगढ़। । सरकार की लुहावानी घोषणाओं के बावजूद भी सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को अवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है।

 

गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी बदहाली का शिकार है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाओं के साथ-साथ स्टाफ की भी कमी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नर्सिंग कर्मियों के साथ साथ डॉक्टर्स के पद भी रिक्त हैं,लेकिन इन खाली पदों का खामियाजा ग्रामीणों को इलाज नहीं मिलने से भुगतना पड़ रहा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 30 बेड का है,लेकिन एक दशक से 18 बेड ही लगे हुए हैं। क्षेत्र की तकरीबन 45 हजार आबादी पर डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की कमी से आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की कमी के चलते गंभीर मरीज को रेफर करना मजबूरी बनी हुई है। अस्पताल में चिकित्सकों के 8 पद सृजित है जिनमे से 6 डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो डॉक्टर यदा-कदा ही दिखाई देते हैं। महिला रोग विशेषज्ञ का पद पिछले 1 दशक से रिक्त चल रहा है।*

वही सर्जन डॉक्टर मनमोहन सिंह को गोविन्दगढ़ से सेलरी उठा रहे है और राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय अलवर लगाया कार्यरत है।
डॉक्टर राजेश लालवानी को प्रितिनियुक्ति पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरथल लगाया हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेल नर्स फर्स्ट ग्रेड, तीन जे एन एम, फार्मेसिस्ट, रेडियोग्राफर के भी पद रिक्त चल रहे हैं।

*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला विशेषज्ञ का पद एक दशक से रिक्त*:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिसके चलते अलवर पहुंचकर उपचार करवाना पड़ता है।सरकार ने करीब एक दशक पूर्व स्त्री रोग विशेषज्ञ पद सर्जित किए थे।लेकिन डॉक्टर तैनाती नहीं होने से आमजन को इसका लाभ नहीं मिल रहा है । महिला चिकित्सक नहीं होने से प्रसूताओ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी केस होने पर अस्पताल से प्रसूताओ को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। वहीं अस्पताल में हर महीने 180 डिलीवरी कराई जाती है।

*बिना रेडियोग्राफर धूल फांक रहे हैं उपकरण:*
निशुल्क जांच योजना को लेकर भले ही स्वास्थ्य विभाग कुछ भी कह रहा हो लेकिन गोविंदगढ़ में ना तो x-ray हो पा रहे हैं ना ही सोनोग्राफी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे मशीन तो हैं लेकिन उन्हें चलाने के लिए रेडियोग्राफर नहीं है जिसके चलते एक्सरे मशीनें अस्पताल के बंद कमरे में धूल फांक रही हैं। जिनका लाभ आमजन को नही मिल रहा है।

*डेंटल विशेषज्ञ पास नहीं है डेंटल चेयर:*
गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गत 5 वर्षों से दंत चिकित्सक डॉ योगेश चंद्रावत कार्यरत है। इनके लिए परिसर में अलग से कमरा भी है,लेकिन अस्पताल में दंत रोगों की जांच हेतु चिकित्सालय में डेंटल चेयर,मिनी x-ray मशीन सहित दंतरोग जांच का एक भी आवश्यक उपकरण नहीं है।ऐसे में बीते 5 वर्षों से चिकित्सक पूरी तरह फ्री है। डॉक्टर मोबाइल के माध्यम से अपना ऑफिस समय व्यतीत करते हैं।

*ऑपरेशन थिएटर के उपकरण विशेषज्ञ के अभाव में फांक रहे धूल:*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थिएटर तो बना हुआ है जिसमें लाखों रुपए के उपकरण विशेषज्ञ के अभाव में धूल फांक रहे हैं गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ तो है लेकिन उन्हें प्रतिनियुक्ति पर खैरथल लगाया हुआ है

*इनका कहना*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंटल चेयर और आवश्यक उपकरण नही होने के अभाव में दंत रोगियों को दवा देकर काम चलाया जा रह है।
_योगेश चंद्रावत, दंत चिकित्सक सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र गोविन्दगढ़_

*स्टाफ की कमी है, ओपीडी में प्रतिदन 300 से 400 मरीज आते है। एक डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर खैरथल लगया हुआ है। डेंटल चेयर के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। एक्स-रे मशीन तो है लेकिन है रेडियोग्राफर नहीं है।*
_मंगतू राम चौधरी प्रभारी सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र गोविन्दगढ़_

फ़ोटो। 1सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदगढ़

1,2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ी चिकित्सकों की कुर्सी

1,3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के x-ray मशीन के कमरे में लगा हुआ ताला

1,4 विशेषज्ञ के अभाव में ऑपरेशन थिएटर में कावड़ा हालत में सामान

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