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हर दिल अजीज थे रामप्रकाश जी

*”स्व. रामप्रकाश जी गुप्ता स्मृति सम्मान” विशेष*

श्रीगोपाल गुप्ता

एक ऐसे सह्रदय विशिष्ट मगर साधारण व्यक्तित्व के धनी *स्व. रामप्रकाश गुप्ता* वाकई हर दिल अजीज थे। ये उनका व्यक्तित्व ही था कि वे बच्चों के साथ बच्चा ,युवाओं के साथ युवा बन जाना और बुजुर्ग तो वे थे ही, सो इसमें तो जैसे उन्हे महारत ही हांसिल थी।
महासभा के साथ-साथ वे युवा दल मे पर भी पैनी नजर रखते थे और उनका ये प्रयास रहता था कि युवा अच्छा से अच्छा कार्य कर अपने परिवार और माथुर वैश्य समाज का नाम देश में रोशन करें।
ऐसी पुण्य शिखर हस्ती से करीब 15 वर्ष पहले मेरा परिचय महासभा की बैठक के दौरान हुआ था,चूंकि वे भी कार्यसमिति सदस्य थे और मैं भी शाखा सभा मुरैना से पहली मर्तबा कार्यसमिति सदस्य था। उनकी वजह और स्नेह से संबध इतने प्रगाढ हो गये कि कब वे मेरे मार्गदर्शक से अच्छे दोस्त और बड़े भाई बन गये अहसास ही नहीं हुआ? चूंकि उनका विवाह मेरे मोहल्ले पंचायती धर्मशाला ओली में स्व. हरगोविंद गुप्ता जी की सुपुत्री सावित्री गुप्ता के साथ सन् 1973 में हुआ था, इसलिए वे मेरे अ-लिखित फूफा जी भी थे ,मगर उन्होने इस खास रिस्ते को कभी भी स्वीकृति नही दी।
वे इतने खुश दिल बेहतर इंसान थे कि किसी के भी दिल में अपने लिए जगह बनाने में बहुत माहिर थे, सही मायने में वे *अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा* के सच्चे पुजारी थे।
वे पहली मर्तबा सन् 2002 में आगरा की विजय नगर शाखासभा से कार्यसमिति सदस्य निर्वाचित होकर महासभा में पहुंचे थे।

उनका जन्म अगहन शुक्ल पंचमी संवत 2007 दिन बुधवार 13 दिसंबर 1950 को स्व. रघुवर दयाल गुप्ता जी के ज्येष्ठ पुत्र की रुप में आगरा जिले के मिढ़ाकुर गांव में हुआ था। आपने 11 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद हिसाब-किताब के क्षेत्र में खाता-बही का प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में धाक जमा दी। हिसाब-किताब के क्षेत्र में उनकी विलक्षण प्रतिभा को देखते हुये ही शायद महासभा अध्यक्ष माननीय श्री रघुनाथ प्रसाद जी गुप्ता ने उन्हें वर्तमान कार्यकाल में लेखा-निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी तो उन्होने वो कर दिखाया जो उससे पहले कोई नहीं कर सका। जिसका परिणाम भी सामने है कि वर्तमान महासभा में प्रत्येक तीन महिने में होने वाली कार्यसमिति बैठक में महासभा का आय-व्यय का लेखा-जोखा का प्रस्तुति करण, जो तमाम वर्षों से प्रत्येक एक साल में प्रस्तुत किया जाता था।
आपने सन् 2002 से लेकर अब तक महासभा अध्यक्ष स्व. जे सुरेन्द जी, स्व. एससी पैंगोरिया जी, राकेश गुप्ता कांट्रैक्टर जी, ईं दर्शन लाल गुप्ता जी और वर्तमान में आदरणीय श्री रघुनाथ प्रसाद जी के साथ मिलकर समाज का कार्य कर महासभा की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कार्य किया है और इस दौरान उन्होने अनेक पद धारण कर सफलता से अपने दायित्वों को पूरा किया।
*वे एक अच्छे और सच्छे समाजसेवी के तौर पर हमैशा याद किये जाते रहेंगे।*
ऐसी महान शख्सियत का आकस्मिक निधन गत 2 फरवरी 2019 में हो गया था। इसके साथ ही समाज ने अपना एक अच्छा मित्र और महासभा ने अपने सच्चे सेवक को खो दिया। निश्चित ही महासभा नेतृत्व ने अगामी 30 जून को आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय रक्तदान शिविर मे *”स्व. रामप्रकाश जी गुप्ता स्मृति सम्मान”* पुरस्कार घोषित कर महासभा के सच्चे सपूत को मरणोपरांत सम्मानित किया है तथा अपनी और सम्पूर्ण माथुर वैश्य समाज की तरफ से स्व. रामप्रकाश जी गुप्ता को सच्ची श्रंद्धाजलि अर्पित की है।जिसके लिए नेतृत्व बधाई का पात्र है।

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