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भोपाल के जेपी अस्पताल में संवेदनहीनता:वार्ड में भर्ती बच्ची काे कोविड टेस्ट कराने फीवर क्लीनिक भेजा, सड़क हादसे में घायल पिता प्लास्टर चढ़े पैर से बेटी को लेकर भटकता रहा

जेपी अस्पताल में परिजन ही स्ट्रेचर खींचने को मजबूर - Dainik Bhaskar

जेपी अस्पताल में परिजन ही स्ट्रेचर खींचने को मजबूर

राजधानी के जयप्रकाश जिला अस्पताल में जिम्मेदारों की संवेदनहीनता सामने आई है। अस्पताल स्टाफ ने पहले परिजनों को सड़क हादसे में घायल वार्ड में भर्ती बच्ची का कोविड टेस्ट फीवर क्लीनिक से कराने के लिए कहा, जबकि वार्ड में भर्ती मरीजों का बेड पर ही टेस्ट कराने का नियम है। खास बात तो यह है, वार्ड ब्वाॅय उपलब्ध नहीं कराने पर बच्ची का पिता प्लास्टर चढ़े पैर से बेटी को स्ट्रेचर पर कोविड टेस्ट कराने के लिए भटकता रहा। फिर पूछताछ कर फीवर क्लीनिक पहुंच कर जांच कराई।

कटारा हिल्स लाहरपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया, वह शुक्रवार को दो बेटी मोहिनी और राधिका को लेकर जेपी अस्पताल आए थे। बड़ी बेटी मोहनी को कुत्तों ने काट लिया था। इसके लिए वह इंजेक्शन लगवाने आए थे। इंजेक्शन लगाने के बाद तीनों अस्पताल से बाहर निकलकर मेन रोड पार करने के लिए खड़े थे, तभी बोर्ड ऑफिस चौराहे की तरफ से आए। तेज रफ्तार बाइक सवार ने तीनों का टक्कर मार दी।

तीनों को लोगों ने जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे में राजेश और राधिका का दाया पैर में फ्रैक्चर हो गया। बड़ी बेटी मोहिनी को सीने में चोट लगी। राजेश ने बताया, शनिवार को सर्जिकल फीमेल वार्ड में भर्ती बेटी को कोविड टेस्ट फीवर क्लीनिक से करा कर लाने के लिए कहा, लेकिन वार्ड ब्वाॅय उपलब्ध ही नहीं कराया। उन्होंने ही स्ट्रेचर पर परिजन की मदद से बेटी को रखा और फीवर क्लीनिक को ढूंढते हुए पहुंचे।

राजेश ने कहा, यहां कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा। वार्ड ब्वाॅय के संबंध में पूछा तो नर्स कहती है कि हमें नहीं पता। बेटी के पैर में फ्रैक्चर होने पर जांच वार्ड में करने का अनुरोध किया, तो बोले कि आपको फीवर क्लीनिक से करा कर लाना होगा। साथ में कहने लगे कि हमारा नाम नहीं बताना। नहीं तो जांच नहीं करेंगे।

जय प्रकाश जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। वार्ड में भर्ती मरीज की कोविड जांच बेड पर ही होगी। उनको फीवर क्लीनिक भेजने के संबंध में जानकारी लेता हूं। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड में वार्ड ब्वाॅय भी तैनता है। परिजन को स्ट्रेचर धकाना भी गलत है।

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